Saturday, 9 April 2016

Hindi Sher-o-Shayri and Poems!!!!!

" ये दिन..... ये राते....ये लम्हे ....अच्छे लगते है...
तुम्हे सोचु तो सारे सिलसिले अच्छे लगते  है....
बहुत  दूर तक चलना और वही रुकना ....
मुझे तुमसे तुम्ही तक के दायरे अच्छे लगते है... "



" भूल कर जात तुमको याद किया....
बात बे बात तुमको याद किया .....
नींद नाराज होगयी हमसे ......
हम ने जिस रात तुमको याद किया ...."

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