" ये दिन..... ये राते....ये लम्हे ....अच्छे लगते है...
तुम्हे सोचु तो सारे सिलसिले अच्छे लगते है....
बहुत दूर तक चलना और वही रुकना ....
मुझे तुमसे तुम्ही तक के दायरे अच्छे लगते है... "
" भूल कर जात तुमको याद किया....
बात बे बात तुमको याद किया .....
नींद नाराज होगयी हमसे ......
हम ने जिस रात तुमको याद किया ...."
तुम्हे सोचु तो सारे सिलसिले अच्छे लगते है....
बहुत दूर तक चलना और वही रुकना ....
मुझे तुमसे तुम्ही तक के दायरे अच्छे लगते है... "
" भूल कर जात तुमको याद किया....
बात बे बात तुमको याद किया .....
नींद नाराज होगयी हमसे ......
हम ने जिस रात तुमको याद किया ...."
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