" करार बक्श दिया उसने मुझे ये कहकर......
के सिर्फ तुम ही नहीं .....बेक़रार हम भी है। ......"
" तुम्हारा साथ तसलसुल से चाहिए मुझे.....
थकन जमानो की लम्हों में कब उतरती है..... "
के सिर्फ तुम ही नहीं .....बेक़रार हम भी है। ......"
" तुम्हारा साथ तसलसुल से चाहिए मुझे.....
थकन जमानो की लम्हों में कब उतरती है..... "
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