Monday, 11 April 2016

" करार बक्श दिया उसने मुझे ये कहकर......
के सिर्फ तुम ही नहीं .....बेक़रार हम भी है। ......"



" तुम्हारा साथ तसलसुल से चाहिए मुझे.....
थकन जमानो की लम्हों में कब उतरती है..... "
 

No comments:

Post a Comment